कृपाणं पाणिनैकेन बिभ्राणोन्येन पट्टिशम् । स नन्दकगदाहस्तः साक्षाद्धरिरुदैक्ष्यत ।।
एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में पट्टे को धारण करने वाला वह शिवाजी राजा नंदक तलवार एवं कौमुदकी गदा को धारण करने वाले प्रखर विष्णु के समान दिख रहा था।
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