हे राजा! तेरे पर इस तलवार के प्रहार को करता हूं, तू मेरा वार सहन कर, इस प्रकार बारंबार बोलता हुआ, उस समय बड़ा सय्यद सिंह की तरह प्रचंड गर्जना करने वाले एवं अफजलखान को जान से मारने वाले शिवाजी पर पुनः दौड़कर आक्रमण किया। वेगवान् जीवा महाल के निषेध करने पर भी इसको मैं ही जान से मारुंगा, इसको मेरे पास आने दें। इस महाराजा के कथन को अनसुना करके सय्यद द्वारा उठाए हुए उस तलवार के प्रहार को अपने ऊपर लिया और उस वीर ने अपने तलवार से सय्यद के दो टुकड़े कर दिये।
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