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शिवभारतम् • अध्याय 21 • श्लोक 22
घूर्णमानेन शिरसा बभावफजलस्तदा। ईदृशं शिवराजेन पौरुषं दर्शितं यदा ।।
इस प्रकार का पराक्रम शिवाजी महाराज ने जब दिखाया तब अफजलखान के सिर के गोल-गोल घुमने से वह सुशोभित होने लगा।
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