एवमुक्त्वा स तद्ग्रीवां धुत्वा वामेन पाणिना। इतरेण च तत्कुक्षौ निचखान कटारिकाम् ।।
इस प्रकार बोलकर उसने उसकी गर्दन को बाएं हाथ से पकड़कर दूसरे दाएं हाथ से उसके पेट में कटार घुसा दी।
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