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शिवभारतम् • अध्याय 21 • श्लोक 12
अफजल उवाच -- अये मूषामुधोत्साहधारिन् स्वैरतरस्थिते। किं नीतिपथमुत्सृज्य भजस्यपथपान्थताम्।।
अफजल बोला - अरे! मिथ्या युद्धोत्साह को धारण करने वाले एवं अत्यन्त स्वच्छंद व्यवहार करने वाले नीतिमार्ग को छोड़कर कुमार्ग को क्यों धारण करते हो?
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