उस शिवाजी राजे ने मेरे पर विश्वास किया है, अतः मैं उसके पास तत्काल जाकर मैत्री करने का कपट करके अपनी गुप्त कटार को स्वयं उसके पेट में घुसाकर आज शीघ्र ही देवों के मन्दिरों में भी अत्यन्त भय को उत्पन्न करूंगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।