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शिवभारतम् • अध्याय 20 • श्लोक 24
एवमारुह्य तं शैलं सर्वा यवनवाहिनी। परिम्लानापि सा धैर्यादवरोहे मति दधे ।।
इस प्रकार पर्वत पर चढ़कर यवनों की संपूर्ण सेना अतिशय श्रांत होने पर भी उसने धैर्य धारण करके दूसरी तरफ उतरने की इच्छा की।
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