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शिवभारतम् • अध्याय 20 • श्लोक 21
लताप्रतानसंमिश्रत्वक्सारांतरचारिणी। वीतध्वजपटा वीतच्छत्रा साभूदनीकिनी ।।
लताओं के विस्तार से मिश्रित बांस के ऊपर से जाने वाली उस सेना के ध्वज एवं छाते फट गये।
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