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शिवभारतम् • अध्याय 20 • श्लोक 17
उत्तारितमहाभारलघवोप्युन्नतेऽध्वनि। शरीराण्येव करभाः स्वानि भाराय मेनिरे ।।
इस प्रकार बोलकर उसने उसकी गर्दन को बाएं हाथ से पकड़कर दूसरे दाएं हाथ से उसके पेट में कटार घुसा दी।
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