मैं तुझे अपने हाथ से पकड़कर तथा बिजापुर ले जाकर, अल्लीशाह के समाने तेरे मस्तक को झुकवाते हुए उस प्रतापी स्वामी से हाथ जोड़कर निवेदन करूंगा और हे राजा, तुझे फिर उससे अत्यन्तं वैभव को प्राप्त करवाउंगा।
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