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शिवभारतम् • अध्याय 20 • श्लोक 13
तस्माद्विशत वै सर्वे गहनं गहनोदरम्। यूयं परैविज्ञाताः सज्जास्सन्निहिता अपि।।
आदिलशाह की, कुतुबशाह की या फिर महाबलवान् दिल्लीपति की भी सेवा नहीं करता है और न हीं उन्हें मानता है और अपने पर गर्व करता है।
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