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शिवभारतम् • अध्याय 20 • श्लोक 12
मिथो मद्वीक्षणाकांक्षी स मां योधैरुदायुधैः। भवद्भिः सहितं श्रुत्वा भयं संभावयेदपि।।
अफजल बोला - अरे! मिथ्या युद्धोत्साह को धारण करने वाले एवं अत्यन्त स्वच्छंद व्यवहार करने वाले, नीतिमार्ग को छोड़कर कुमार्ग को क्यों धारण करते हो?
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