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शिवभारतम् • अध्याय 2 • श्लोक 52
मुक्तामणिश्रेणिकांतसीमन्तप्रान्तवर्तिना। स्फुरितारुणवर्णेन शिरः पुष्पेण शोभिताम्।।
सिर विभिन्न प्रकार के लाल चमकीले मोतियों एवं रत्नों की मालाओं एवं फुलों से सुशोभित,
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