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शिवभारतम् • अध्याय 2 • श्लोक 50
स्निग्धारुणनखश्रेणिं निम्ननाभिं तनूदरीम्। रंभास्तंभाभिरामोरू गूढगुल्फां यशस्विनीम्।।
नाखून चिकने और लाल, नाभि गहरी, पेट पतला, जांघें केले के खंभे के समान सुंदर, टखनें अंदर छिपे हुए,
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