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शिवभारतम् • अध्याय 2 • श्लोक 49
मृणाळकोमळभुजां नवांकुरितयौवनाम्। व्याकोशांभोरुहशयां लसत्किसलयांगुलिम् ।।
नवयौवन में प्रवेश किए हुए, उसकी भुजाएं कमल के कोमल तंतुओं की तरह नाजुक, उंगलियां एक विकसित कमल के समान लाल,
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