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शिवभारतम् • अध्याय 2 • श्लोक 43
दृष्ट्वा यादवराजेन राजराजसमश्रिया। दिष्टे दैवज्ञसंदिष्टे विशिष्टेभिमतैग्रहैः ॥
मालवर्मा के पुत्र शहाजी राजा को देखकर, कुबेर की तरह धनी यादव राजा ने, अनुकूल ग्रहों वाले ज्योतिषी द्वारा बताए गए क्षण में अपनी
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