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शिवभारतम् • अध्याय 2 • श्लोक 38
ततश्शरीरं शाहस्य प्रविष्टे नवयौवने। ससंबाधेव शिशुता संचुकोच शनैश्शनैः ।।
जैसे ही शहाजी के शरीर में किशोरावस्था आने लगी, मानो बाल्यावस्था कुछ कठिनाईयों को पाकर धीरे-धीरे हिचकिचाने लगी हो।
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