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शिवभारतम् • अध्याय 19 • श्लोक 6
तृणाय मन्ये ताम्राणामनम्राणामनीकिनीम्। येदिलस्य च तां तद्वत् त्वां विना तीव्रविक्रमम् ।।
भयंकर पराक्रम से युक्त आपके बिना उन्मत्त मुगलों की सेना को एवं आदिलशाह की सेना को मैं तिनके के समान मानता हूं।
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