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शिवभारतम् • अध्याय 19 • श्लोक 2
शिवराज उवाच - समस्ताः समरे येन ध्वस्ताः कार्णाटभूमिपाः। तस्य तेऽद्य मयि श्रेयानियानपि दयोदयः ।।
शिवाजी बोला - जिसने कर्नाटक के सभी राजा युद्ध में पराभूत कर दिए थे ऐसे आपने आज मेरे पर इतनी दया दिखाई वह बहुत अच्छा किया।
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