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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 35
तदद्यमन्नियोगेन सन्धिमेव महीपते। विधेहि देहि सकलानचलानचलामपि ।।
तब, हे राजा! मेरे आदेश से आप सन्धि करो और सभी किले एवं सम्पत्ति को दे दो।
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