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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 28
त्वयेदं चण्डराजस्य गाढमन्यदुरासदम्। अभिक्रम्य च विक्रम्य प्राज्वं राज्यं हृतं हठात् ।।
शत्रुओं के लिए अजेय चन्द्रराजा के विस्तीर्ण राज्य पर पराक्रम के साथ आक्रमण करके तुमने वह बलात् हरण कर लिया।
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