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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 27
भवता सततं लाभवता तत्र पदे पदे। गृहीतविषयः क्रुद्धो रुद्धो राजपुरीश्वरः ।।
वहां पर निरन्तर भाग्यशाली तुमने पग-पग पर मुलूख प्रान्त को अधीन करके, कारागार में डाल देने से दण्डापुरी का राजा कुद्ध तथा रुष्ट हैं।
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