ऐसा मन में निश्चय करके उस पुरुष श्रेष्ठ शिवाजी ने अपने सेनापति को शत्रु के राज्य का विध्वंस करने का आदेश देकर तथा अपने राज्य को एवं दुर्ग की रक्षा करने में निपुण, हितकारी अधिकारी लोगों को नियुक्त करके, संधिविग्रह आदि छः गुणों में निपुण एवं शत्रुवीरों का मर्दन करने वाला वह शिवाजी स्वतः पदाति सेना के साथ जयवल्ली आया।
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