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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 17
सुराणां भूसुराणाञ्च सुरभीणां च पालनम्। विदधाम्यहमेवाद्धा भूत्वा भूत्वा युगे युगे ।।
देवों का ब्राह्मणों का और गायों का पालन मैं ही प्रत्यक्ष प्रत्येक युग में अवतार लेकर करता हूं।
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