इयं वसुन्धरा देवी धर्मेण खलु धार्यते। ध्रुवं स धार्यते देवैस्तेऽधार्यन्त द्विजातिभिः ।।
यह वसुंधरा देवी वास्तव में धर्म के संयोग से धारण की जाती है, और वह धर्म निःसंदेह देवों द्वारा रक्षित होता है।
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