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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 14
तासामसौ तामसात्मा हन्ता हन्त दिने दिने। विपर्यासयितुं धर्ममशेषमपि वाञ्छति।।
उनको यह तमोगुणी अफजलखान अरे! प्रतिदिन मार करके धर्म का विनाश करना चाहता है।
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