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शिवभारतम् • अध्याय 18 • श्लोक 13
हविः प्रकृतयो गावः पयसा सर्पिषापि च। विधये सप्ततन्तूनां विधिना विहिता भुवि ।।
यज्ञ के लिए दुध एवं घी इन हवि के द्रव्यों की पूर्ति के लिए ब्रह्मदेव ने पृथ्वी पर गायों का निर्माण किया है।
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