ततः स प्रस्थितस्तस्मात्पत्तनाद्विजयाह्वयात्। योजनार्थमिते देशे वसतिं स्वामकल्पयत् ॥
फिर बिजापुर से प्रस्थान किये हुए उस अफजलखान ने आधे योजन पर अपना निवासस्थान बनाया।
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