पंखों को फड़फड़ाकर उच्चध्वनि करने वाले एवं बाई तरफ से जाने वाले कौवों ने उसका साहस बेकार है, ऐसा बताया, मध्याह्न में ही सूर्य अस्पष्ट दिखने लगा, अन्तरिक्ष मानों प्रज्ज्वलित हो गया हो, दिशाएं मलिन हो गई, एक बड़ी उल्का आकाश से अचानक गिर गई, बादलों के बिना ही आकाश में आकाशीय विद्युत गरजने लगी। पूर्व दिशा में लोमड़ियां भयंकर आवाज करने लगी, ध्वज टूट गया और यान खराब हो गये, कंकड, धूल की वर्षा करने वाली वायु विपरीत बहने लगी, सेना का अग्रिम हांथी अंकुश के प्रहार के बिना ही आगे दौड़ने लगा।
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