जिसने बलपूर्वक अनेक शत्रुओं को जीता है, ऐसा युद्ध में निपुण, भयंकर कार्य का कर्ता, घोरपड़े भी उसके पीछे पड़ गया। पांढरे नाईक, खराटे नाईक, अनेक सैनिकों का नायक कल्याण यादव, जिसके युद्ध का आवेश प्रचंड है ऐसा मंबाजी भोसले, जगत् प्रसिद्ध पराक्रम के कर्त्ता घांटगे एवं कांटे और दूसरे राजा एवं हजारों सामन्त चतुरंगिनी सेना के साथ उस सेनापति के पीछे गये।
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