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शिवभारतम् • अध्याय 17 • श्लोक 36
अहमद्धा भृशं बद्धवा स्पर्धाकरमहर्निशम्। तमन्तकमिवोद्वृत्तमानयिष्ये तवान्तिकम् ।।
अहर्निश स्पर्धा करने वाले एवं यमराज के समान दुष्ट ऐसे उस शिवाजी को सुदृढता से बांधकर आपके समक्ष लाऊंगा।
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