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शिवभारतम् • अध्याय 17 • श्लोक 31
कवीन्द्र उवाच - एवमुक्तोऽतिविश्रम्भादल्लीशाहेन मानिना। प्रोवाचाफजलः प्रीत्या प्रस्तुतार्थमयं वचः ॥
कवीन्द्र बोला - इस प्रकार अत्यन्त विश्वास के साथ अभिमानी अल्लीशाह के बोलने पर, अफजलखान प्रसन्न होकर वर्तमान कार्य के संबंध में बोला।
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