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शिवभारतम् • अध्याय 17 • श्लोक 29
निर्वाणमरिवीराणां कुर्वाणां कुर्वाणमकुतोभयम्। त्वां विना तस्य जेतारं नान्यं पश्यामि कञ्चन ।।
वीर शत्रुओं का नाश करने वाला एवं निर्भय तेरे बिना, उसका जीतने वाला मुझे दूसरा कोई दिखाई नहीं देता है।
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