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शिवभारतम् • अध्याय 17 • श्लोक 2
अल्लीशाह उवाच - हितावहस्त्वमस्माकमस्मिन् सैनिकसञ्चये। विरोद्धा द्विजदेवानां कालः कलिरिवापरः ॥
अल्लीशाह बोला - इन सैनिकों के समूह में तू हमारा हित करने वाला है, देव एवं ब्राह्मणों का विरोधी है और मानो तू दूसरा कलिकाल ही हो।
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