महमूदेन पित्रा मे यदि न स्यात् स वारितः । तर्हि स्यान्मज्जितोम्भोधी तेन राजपुरीश्वरः ।।
मेरे पिता महमूदशाह, यदि इसको नहीं रोकते तो यह दंडाराजपुरी के राजा को समुद्र में डूबा देता।
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