कवीन्द्र उवाच -
ततोऽफजलमाहूय स्वीयसैन्यधुरन्धरम्। अल्लीशाहः स्वयं वाचमुवाच समयोचितम्।।
कवीन्द्र बोला - तत्पश्चात् अपने सेना के सेनापति अफजलखान को बुलाकर, अल्लीशाह ने स्वयं समयानुसार उपदेश दिया।
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