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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 8
दीपं विनाशयन्नेव पतङ्गश्वेद्विनश्यति। तुल्यतां कस्तयोस्तर्हि जात्यन्ध इव पश्यति।।
यदि दीपक को बुझाते समय ही किसी पतंग का विनाश हो जाता है तो जन्म से अंधे के समान कौन उन दोनों की समानता बतायेगा?
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