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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 56
सुवर्णशर्मणोवाचमिमां श्रुत्वा नृपोत्तमः । माननीयोऽतिमहतां माननीयाममन्यत ।।
सोनोपंत के ये बचन सुनकर अति महान माननीयों में माननीय, नृपश्रेष्ठ ने उनकी बातों को मान लिया।
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