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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 54
प्रभुणा दुर्गमं दुर्गं प्रभुर्दुर्गेण दुर्गमः। अदुर्गमत्वादुभयोर्विद्विषन्नेव दुर्गमः ।।
राजा के कारण से दुर्ग दुर्गम होता है एवं दुर्ग के कारण से राजा दुर्गम होता है। दोनों के अभाव होने पर तो शत्रु ही दुर्गम होता है।
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