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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 43
एतैरविकलैर्युक्तं राज्यं सद्धिः प्रशस्यते। एकेनापि विहीनं तदितरैरूपहस्यते ।।
जिस राजा के ये अंग व्यवस्थित होते हैं, उस राज्य की सज्जन लोग प्रशंसा करते है। यदि वही राजा एक अंग से भी विहीन हो तो वह अन्यों के द्वारा उपहास का पात्र बन जाता है।
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