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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 18
तनुते यद्यलं वैरमबलीयान् बलीयसा। तर्हि तस्य पराभावे सर्वथा प्रभुरेव सः ॥
यदि दुर्बल मनुष्य अत्यन्त बलवान् के साथ अत्यधिक शत्रुता करता है तो उसको पराजित करने के लिए वह पूर्णतः समर्थ होता है।
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