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शिवभारतम् • अध्याय 16 • श्लोक 14
विजयाह्नपुरग्राहोत्सुकं सम्प्रति मन्यनः। अतोऽद्य नोद्यसे सद्योनियुज्यन्तां तुर‌ङ्गिणः ।।
विजापुर शहर को अधीन करने के लिए मेरा मन उत्सुक हो गया है, अतः तुमसे मेरा कहना है कि तुरन्त घुड़सवारों को तैयार किया जाए।
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