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शिवभारतम् • अध्याय 15 • श्लोक 50
अथ निज इति मत्वा पूजयित्वा वचोभिः। पदि पदि विहिताभिः प्रीणयित्वोपदाभिः। उपचितबहुसेनः प्रेषितो येदिलेन। प्रतिभटविजयार्थं शाहराजः प्रतस्थे ।। इत्यनुपुराणे कवीन्द्रपरमानन्दप्रकाशितायां संहितायां पञ्चदशोऽध्यायः ।।
तत्पश्चात् अपना मानकर एवं मधुर शब्दों से सत्कार करके और पग-पग पर दिये गए उपहारों से संतुष्ट करके आदिलशाह द्वारा प्रेषित शहाजी विशाल सेना को लेकर शत्रु को जीतने के लिए निकल गया।
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