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शिवभारतम् • अध्याय 15 • श्लोक 36
करोतु महां सोऽप्यद्वा विङ्ङ्गरुरमुपायनम्। बद्धरनेन फरादेन व्यधीयत पलायनम् ।।
उसी प्रकार जिस संभाजी से पराजित होकर फरादखान ने पलायन किया था, उस बैंगलूर शहर को भी उसको मुझे उपहार के रूप में देनी चाहिए।
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