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शिवभारतम् • अध्याय 15 • श्लोक 3
अहो अहर्दिवममी अस्माभिः परिपालिताः । क्षिण्वन्ति यवनानस्मान् क्षत्रियाः कालनोदिताः ।।
अरे! रात-दिन जिनका हमने पालन-पोषण किया, वे क्षत्रिय मराठे अनुकूल समय को प्राप्त करके हम यवनों का विनाश कर रहे हैं।
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