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शिवभारतम् • अध्याय 15 • श्लोक 14
पित्रर्थे शम्भुना तत्र फरादः परिभावितः। सम्पराये शिवेनात्र फतेखानोऽपि यापितः ।।
अपने पिता के लिए संभाजी ने वहां फरादखान को पराजित किया और यहां शिवाजी ने युद्ध से फतेखान का पलायन करवाया।
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