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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 75
भैरवं भैरवं मत्वा मिनादरतनावपि। संवर्तसमयप्रायात् संपरायादपेयतुः ।।
निनाद एवं रतनु भी भैरव को वास्तविक कालभैरव समझकर प्रलयकाल की तरह उस युद्ध से निकल गये।
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