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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 72
आदत्त तत्र हस्ते स्वे स म्लेच्छो यद्यदायुधम्। सदो वीररसावेशात् तरसा तत्तदच्छिनत् ।।
वहां पर उस यवन ने जो-जो शस्त्र अपने हाथों में लिए उन-उनको सदोजी ने उसी समय तोड़ दिया।
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