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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 7
अथ मानी फतेखानः समानगुणशालिभिः । मुसेखानप्रभृतिभिर्महाहङ्कारकारिभिः ॥ कल्पानलसमप्राणकृपाणवरधारिभिः । प्रवृद्धाभ्याहवोत्साहैः ससन्नाहैः प्रभाविभिः ॥ धीरैः परिवृतो वीरैः क्ष्वेडारवविधायिभिः। सद्यः पुरन्दरं शैलमारोदुमुपचक्रमे ॥
तत्पश्चात् समान गुणशाली, अहंकारी, प्रलयाग्नि के समान उत्कृष्ट तलवारों को धारण करने वाले युद्ध करने के लिए उत्सुक, प्रभावी शस्त्रों से सज्ज, गर्जना करने वाले, ऐसे मुसेखान आदि पराक्रमी एवं धैर्यवान् वीर सैनिकों को साथ लेकर वह अभिमानी फतेखान शीघ्र ही पुरंदर किले पर चढ़ने लगा।
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