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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 69
ततोऽशरफशाहस्य तुदतस्ते जितैश्शरैः । विकृष्यमाणमौर्वीकं व्योमान्तवलयायितम्।। अनेकवर्णनिन्यासमिन्द्रायुधमिवायतम्। धनुरभ्येत्य चिच्छेद करवालकरस्सदः ।।
तत्पश्चात् तीक्ष्ण बाणों से विदीर्ण करने वाले अशरफशाह ने अनेक रंगों से रंजित, इंद्रधनुष की तरह लंबे, धनुष की प्रत्यंचा को खींचकर झुकाया तो तलवारधारी सदाजी ने पास जाकर उसको काट दिया।
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